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पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड

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पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड ​ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान की अनियंत्रित आदतों के कारण पथरी (Stone) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। किडनी, पित्त की थैली ( Gall Bladder ) या मूत्र मार्ग में होने वाली यह समस्या असहनीय दर्द का कारण बनती है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है; इसके साथ सही खान-पान और सख्त परहेज का पालन करना भी अनिवार्य है। आज के इस लेख में हम होम्योपैथिक दृष्टिकोण और आहार संबंधी आवश्यक सावधानियों पर चर्चा करेंगे। ​ पथरी होने के लक्षण और पहली सावधानी ​ पथरी होने का मुख्य संकेत किडनी के आसपास होने वाला तीव्र दर्द है। यदि सोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड में पथरी की पुष्टि होती है, तो सबसे पहली सावधानी यह बरतें कि कैल्शियम (चूना) का सेवन पूरी तरह बंद कर दें । शरीर में कैल्शियम का सही ढंग से न पचना ही स्टोन बनने का सबसे बड़ा कारण है। ​ पथरी को गलाने के लिए होम्योपैथिक उपाय ​ होम्योपैथी में पथरी को धीरे-धीरे घोलकर बाहर निकालने के लिए दो प्रभावी औषधियाँ सुझाई जाती हैं: ​ बर्बेरिस वल्गेरिस (Berberis Vulg...

मलद्वार पर कठोर मल : असहजता से राहत के उपाय


मलद्वार पर कठोर मल: असहजता से राहत के उपाय

मल त्याग में कठिनाई एक आम समस्या है, लेकिन जब मलद्वार के बाहरी छोर पर मल का कुछ हिस्सा कठोर होकर अवरोध पैदा कर दे, तो यह स्थिति बेहद कष्टकारी और चिंताजनक हो सकती है। कभी-कभी गुनगुना पानी पीने के बाद जब हम शौच के लिए जाते हैं, तो मल का बाहरी हिस्सा सूखकर कठोर हो जाता है और निकासी में बाधा डालता है। इससे अंदर से ढेर सारा मल मलद्वार पर आकर रुक जाता है, जिससे एक अजीबोगरीब और असहज स्थिति पैदा हो जाती है। यह कब्ज की समस्या नहीं है बल्कि दूसरी ही स्थिति है जो शरीर में पानी की कमी के कारण अथवा शौच की इच्छा होने पर यथासमय शौचालय नहीं जाने के कारण हो जाया करती है। 

इस स्थिति में घबराने की बजाय, कुछ तरीके अपनाकर आप राहत पा सकते हैं।

तत्काल राहत के लिए अपनाएं ये उपाय :

जब आपको लगे कि मलद्वार पर मल का बाहरी हिस्सा कठोर हो गया है और निकासी में बाधा आ रही है, तो ये कदम उठाएं:

 * पुनः गुनगुना पानी और काला नमक: तुरंत एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें थोड़ा काला नमक मिलाकर पी लें। यह अंदर से आंतों को उत्तेजित करने और मल को नरम करने में मदद कर सकता है।

 * साबुन का उपयोग करें: शौचालय जाते समय एक छोटा सा साबुन का टुकड़ा अपने साथ ले लें। जब मलद्वार पर कठोरता महसूस हो, तो थोड़ी मात्रा में पानी लगाकर उस हिस्से को गीला करें। फिर, एक उंगली की मदद से साबुन के टुकड़े को मलद्वार के चारों ओर लगाएं ताकि चिकनाहट आ जाए। यह मल को आसानी से बाहर निकलने में मदद करेगा।

 * धीरे-धीरे जोर लगाएं: हम जानते हैं कि अंदर से मल को वायु का वेग ही बाहर खींचता है। कठोरता के कारण यह वायु ठीक से निकल नहीं पाती, जिससे मलद्वार पर बहुत सारा मल जमा रहता है। ऐसे में, आपको थोड़ा जोर तो लगाना ही पड़ेगा। बार-बार, नियंत्रित तरीके से जोर लगाने से मल तेजी से बाहर निकल सकता है और आपको तुरंत राहत मिलेगी। ध्यान रहे, बहुत ज्यादा जोर लगाने से बचें क्योंकि इससे बवासीर जैसी समस्या हो सकती है। हालांकि, इस विशेष स्थिति में, जहां मल बाहर ही नहीं आ पा रहा, थोड़ा नियंत्रित जोर आवश्यक हो सकता है ताकि एनिमा कराने की नौबत न आए।

अन्य विकल्प और दीर्घकालिक समाधान :

यदि यह स्थिति बार-बार होती है, तो आपको दीर्घकालिक उपायों पर भी ध्यान देना चाहिए:

 * पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर में खूब पानी पिएं। पानी की कमी मल को कठोर बना सकती है।

 * फाइबर युक्त आहार: अपने भोजन में उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे फल (सेब, नाशपाती), सब्जियां (ब्रोकोली, पालक), साबुत अनाज, दालें और फलियां शामिल करें। फाइबर मल को नरम और बड़ा बनाता है, जिससे वह आसानी से निकल पाता है।

 * नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि आंतों की गतिशीलता को बढ़ाती है, जिससे मल त्याग नियमित होता है। हर दिन कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करें।

 * प्रोबायोटिक्स: दही, छाछ जैसे प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

 * मल त्याग की इच्छा को नज़रअंदाज़ न करें: जब भी आपको मल त्याग की इच्छा महसूस हो, तुरंत जाएं। इसे टालने से मल कठोर हो सकता है।

 * लैक्सेटिव (मल नरम करने वाली दवाएं): अगर घरेलू उपाय काम नहीं कर रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह से लैक्सेटिव का उपयोग किया जा सकता है। ये कई प्रकार के होते हैं, जैसे बल्क-फॉर्मिंग एजेंट (ईसबगोल), ऑस्मोटिक लैक्सेटिव (जो पानी को मल में खींचते हैं), और स्टिमुलेंट लैक्सेटिव (जो आंतों की मांसपेशियों को संकुचित करते हैं)। इनका उपयोग चिकित्सक की देखरेख में ही करें।

 * सपोसिटरी या एनीमा: गंभीर मामलों में, डॉक्टर सपोसिटरी (मलद्वार में डालने वाली दवा) या एनीमा (तरल पदार्थ को मलद्वार में डालकर मल को नरम करना और निकालना) का सुझाव दे सकते हैं। इनका उपयोग केवल चिकित्सकीय सलाह पर ही करें।

निष्कर्ष : 

मलद्वार पर मल का कठोर होकर अवरोध पैदा करना एक असहज और परेशान करने वाली स्थिति है। हालांकि, बताए गए तत्काल उपायों जैसे गुनगुना पानी, काला नमक और साबुन के चिकनाई का उपयोग करके आप इस समस्या से तुरंत राहत पा सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घबराएं नहीं और संयम से काम लें। दीर्घकालिक समाधान के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं, जिसमें पर्याप्त पानी पीना, फाइबर युक्त आहार और नियमित व्यायाम शामिल हैं। यदि यह समस्या बार-बार होती है या इसके साथ कोई अन्य गंभीर लक्षण जैसे पेट दर्द या रक्तस्राव दिखाई देते हैं, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए जागरूक रहना और अपने शरीर की जरूरतों को समझना बहुत जरूरी है।

लेखक : विजय कुमार कश्यप 


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