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पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड

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पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड ​ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान की अनियंत्रित आदतों के कारण पथरी (Stone) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। किडनी, पित्त की थैली (Gall Bladder) या मूत्र मार्ग में होने वाली यह समस्या असहनीय दर्द का कारण बनती है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है; इसके साथ सही खान-पान और सख्त परहेज का पालन करना भी अनिवार्य है। आज के इस लेख में हम होम्योपैथिक दृष्टिकोण और आहार संबंधी आवश्यक सावधानियों पर चर्चा करेंगे। ​ पथरी होने के लक्षण और पहली सावधानी ​ पथरी होने का मुख्य संकेत किडनी के आसपास होने वाला तीव्र दर्द है। यदि सोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड में पथरी की पुष्टि होती है, तो सबसे पहली सावधानी यह बरतें कि कैल्शियम (चूना) का सेवन पूरी तरह बंद कर दें । शरीर में कैल्शियम का सही ढंग से न पचना ही स्टोन बनने का सबसे बड़ा कारण है। ​ पथरी को गलाने के लिए होम्योपैथिक उपाय ​ होम्योपैथी में पथरी को धीरे-धीरे घोलकर बाहर निकालने के लिए दो प्रभावी औषधियाँ सुझाई जाती हैं: ​ बर्बेरिस वल्गेरिस (Berberis Vulgar...

जवां दिखने का सीक्रेट: घर पर बनाएं एंटी-एजिंग फेस मास्क

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जवां दिखने का सीक्रेट: घर पर बनाएं एंटी-एजिंग फेस मास्क ​ बढ़ती उम्र के साथ त्वचा पर झुर्रियां (wrinkles) आना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसोई में मौजूद कुछ चीजों से आप अपनी त्वचा को फिर से जवां और टाइट बना सकते हैं? यह प्राकृतिक नुस्खा आपकी त्वचा के टोन को बेहतर करने और उसे रिंकल-फ्री बनाने में बेहद कारगर है। ​आवश्यक सामग्री ​इस जादुई फेस मास्क को तैयार करने के लिए आपको सिर्फ चार मुख्य चीजों की जरूरत होगी: ​ बादाम: इसमें विटामिन E भरपूर मात्रा में होता है, जो त्वचा को ग्लोइंग बनाता है और उसे टाइट रखने में मदद करता है। ​ चावल: यह स्किन टोन को सुधारने और डार्क स्पॉट्स को कम करने में मदद करता है। यह त्वचा से मेलानिन (जो त्वचा को काला बनाता है) को कम करता है। ​ कच्चा दूध: यह त्वचा को स्मूथ और सॉफ्ट बनाने में सहायक है। ​ शहद: इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो झुर्रियों से लड़ते हैं और त्वचा को जरूरी मॉइस्चर प्रदान करते हैं। ​ मास्क तैयार करने की विधि ​इस फेस मास्क को बनाना बहुत ही सरल है, बस इन चरणों का पालन करें: ​ स्टेप 1: भिगोना ​ दोपहर ...

रासायनिक साबुन को कहें अलविदा: नेचुरल ग्लो पाने का आसान और असरदार तरीका

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रासायनिक साबुन को कहें अलविदा : नेचुरल ग्लो पाने का आसान और असरदार तरीका ​ आजकल के बाजार में उपलब्ध साबुन और स्किन केयर प्रोडक्ट्स में हानिकारक केमिकल्स की भरमार होती है। क्या आपने कभी गौर किया है कि साबुन से नहाने के बाद त्वचा पर सफेद लकीरें बन जाती हैं? यह इस बात का प्रमाण है कि साबुन के केमिकल ने आपकी त्वचा के प्राकृतिक तेल (नैचुरल ऑयल) को पूरी तरह सुखा दिया है। ​ रासायनिक साबुन के नुकसान ​ जब हम अपनी त्वचा पर बार-बार कठोर साबुन का उपयोग करते हैं, तो त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। लंबे समय तक ऐसा करने से एग्जिमा, सोरायसिस और अन्य चर्म रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए, अपनी त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए बाजार के केमिकल युक्त साबुन से दूरी बनाना ही बेहतर है। ​ नेचुरल क्लींजिंग के प्रभावी विकल्प ​ प्राकृतिक रूप से शरीर की सफाई करने के लिए हमारे पास कई बेहतरीन और सस्ते विकल्प मौजूद हैं, जिनके बारे में अक्सर हम भूल जाते हैं: ​ कच्चा दूध: शरीर को साफ करने के लिए दूध से बेहतर कुछ नहीं है। यह न केवल मैल को गहराई से साफ करता है, बल्कि त्वचा को कोमल भी बनाता है। ​ बेसन और दूध का...

लार का चमत्कार: आँखों की चमक से लेकर हृदय की सुरक्षा तक, सब कुछ है इसमें!

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लार का चमत्कार: आँखों की चमक से लेकर हृदय की सुरक्षा तक, सब कुछ है इसमें! ​ क्या आप जानते हैं कि हमारे मुँह की लार केवल भोजन पचाने का काम नहीं करती, बल्कि यह हमारे शरीर की एक ऐसी 'मुफ्त औषधि' है जो सिर से लेकर पैर तक की समस्याओं को ठीक कर सकती है? आइए जानते हैं कि यह कैसे आपकी सेहत और खूबसूरती का राज बन सकती है। ​1. लार और नाइट्रिक ऑक्साइड: दिल और दिमाग की सुरक्षा ​विज्ञान के अनुसार, मुँह की लार हमारे शरीर में 'नाइट्रिक ऑक्साइड' बनाने का मुख्य स्रोत है। यह हमारे लिए एक जादुई गैस की तरह है: ​ दिल की मजबूती: यह रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करती है, जिससे खून का बहाव सुधरता है और हृदय रोगों का खतरा कम होता है। ​ ब्लड प्रेशर: यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है। ​ दिमाग की सेहत: यह मानसिक शांति प्रदान करती है और याददाश्त संबंधी समस्याओं को रोकने में मदद करती है। ​यह नाइट्रिक ऑक्साइड तब बनता है जब हम हरी सब्जियां खाते हैं और मुँह के अच्छे बैक्टीरिया उन्हें लार के साथ मिलकर शरीर के लिए जरूरी तत्वों में बदल देते हैं। ​2. आँखों की ज्योति और चेहरे की चमक ​लार में...

स्टेमिना और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने की अद्भुत तकनीक: प्राणायाम एवं कुंभक अभ्यास

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स्टेमिना और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने की अद्भुत तकनीक: प्राणायाम एवं कुंभक अभ्यास ​ आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर का स्टेमिना बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। यदि आप भी जल्दी थक जाते हैं या आपकी सांस जल्दी फूलती है, तो आयुर्वेद और योग में बताई गई यह विशेष श्वास तकनीक आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह अभ्यास न केवल फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है, बल्कि शरीर को नई ऊर्जा से भर देता है। ​अभ्यास की चरण-दर-चरण विधि: ​इस प्रक्रिया को पूरी एकाग्रता और सही क्रम के साथ सिर्फ 2 मिनट तक के लिए ही करना चाहिए जो आवश्यक है -  ​ 1. सही मुद्रा और आसन (Physical Posture) ​किसी भी शांत स्थान पर सुखासन या किसी भी आरामदायक स्थिति में बैठें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपकी कमर बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। रीढ़ की हड्डी सीधी रहने से श्वास नलिका में कोई अवरोध नहीं आता और फेफड़े पूरी तरह फैल पाते हैं। ​2. डायफ्रामिक श्वास तकनीक (Diaphragmatic Breathing) ​यह​ इस अभ्यास का सबसे महत्वपूर्ण चरण है: इनहेल (Inhale): नाक से गहरी और धीमी गति से सांस अंदर लें। ध्यान रखें कि सांस भरते समय आपका पेट ब...

विरुद्ध आहार: स्वास्थ्य के लिए किन चीजों का सेवन साथ में न करें?

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विरुद्ध आहार: स्वास्थ्य के लिए  किन चीजों का सेवन साथ में न करें? ​स्वस्थ जीवन जीने के लिए आहार का सही चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद में ऐसे कई भोज्य पदार्थों का उल्लेख मिलता है जो एक-दूसरे के विपरीत गुण और स्वभाव के होते हैं। यदि इनका सेवन एक साथ किया जाए, तो ये शरीर में विषाक्त (Toxin) प्रभाव पैदा कर सकते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ​विरुद्ध आहार क्या है? ​आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, ऐसी दो वस्तुएं जिनका गुण और तासीर एक-दूसरे के एकदम विपरीत है, उन्हें कभी भी एक साथ नहीं खाना चाहिए। इन्हें ही 'विरुद्ध आहार' कहा जाता है। ग्रंथों में ऐसी 103 वस्तुओं की सूची दी गई है जिनका संयोजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। ​दूध के साथ इन चीजों का सेवन न करें ​दूध एक पौष्टिक आहार है, लेकिन कुछ विशिष्ट खाद्य पदार्थों के साथ इसका मेल त्वचा और आंतरिक अंगों के लिए हानिकारक हो सकता है: ​ 1. प्याज और दूध ​ प्याज और दूध को एक-दूसरे का जानी दुश्मन माना गया है। यदि आप दूध के साथ प्याज का सेवन करते हैं, तो इससे सोरायसिस, एग्जिमा, खुजली और त्वचा संबंधी अन्य बी...

मखाना: प्रकृति का 'सुपरफूड' और आपकी सेहत का सच्चा साथी!

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मखाना: प्रकृति का 'सुपरफूड' और आपकी सेहत का सच्चा साथी! ​क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में रखा एक छोटा सा मखाना, जिसे हम अक्सर स्नैक्स के रूप में खाते हैं, असल में गुणों की एक खान है? इसे 'फॉक्स नट' (Fox Nuts) भी कहा जाता है। आयुर्वेद में इसे एक शक्तिशाली औषधि माना गया है जो न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। ​आइए, आज जानते हैं कि क्यों मखाने को अपनी डाइट में शामिल करना आपके जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। ​ शारीरिक कमजोरी को कहें अलविदा! ​ क्या आप अक्सर थकान, सुस्ती या काम में मन न लगने की समस्या से जूझते हैं? मखाना ऊर्जा का एक पावरहाउस है। ​ आंतरिक शक्ति: यह शरीर की अंदरूनी कमजोरी को जड़ से मिटाने में मदद करता है। ​ सेवन का तरीका: रात के समय दूध में मखाने, इलायची और थोड़ी सी दालचीनी डालकर पकाएं। यह मिश्रण आपकी शारीरिक दुर्बलता और आलस्य को दूर करने में चमत्कारिक रूप से काम करता है। ​ हड्डियों को बनाए फौलाद जैसा मजबूत ​बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों का दर्द या हड्डियों से आने वाली 'कट-कट' की आवाज एक आम समस्या बन गई है।...