पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड
पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान की अनियंत्रित आदतों के कारण पथरी (Stone) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। किडनी, पित्त की थैली (Gall Bladder) या मूत्र मार्ग में होने वाली यह समस्या असहनीय दर्द का कारण बनती है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है; इसके साथ सही खान-पान और सख्त परहेज का पालन करना भी अनिवार्य है। आज के इस लेख में हम होम्योपैथिक दृष्टिकोण और आहार संबंधी आवश्यक सावधानियों पर चर्चा करेंगे।
पथरी होने के लक्षण और पहली सावधानी
पथरी होने का मुख्य संकेत किडनी के आसपास होने वाला तीव्र दर्द है। यदि सोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड में पथरी की पुष्टि होती है, तो सबसे पहली सावधानी यह बरतें कि कैल्शियम (चूना) का सेवन पूरी तरह बंद कर दें। शरीर में कैल्शियम का सही ढंग से न पचना ही स्टोन बनने का सबसे बड़ा कारण है।
पथरी को गलाने के लिए होम्योपैथिक उपाय
होम्योपैथी में पथरी को धीरे-धीरे घोलकर बाहर निकालने के लिए दो प्रभावी औषधियाँ सुझाई जाती हैं:
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बर्बेरिस वल्गेरिस (Berberis Vulgaris): यह दवा पथरी को तोड़ने का काम करती है।
- विधि: एक चौथाई कप गुनगुने पानी में इसकी 15 बूंदें मिलाएं।
- सेवन: इसे दिन में 3 से 4 बार लें। इसे 1 से 2 महीने तक लगातार उपयोग करें (आवश्यकतानुसार 3 महीने तक)।
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चाइना (China 1000): पथरी निकल जाने के बाद दोबारा बनने से रोकने के लिए।
- विधि: दवा की 2-2 बूंदें सीधे जीभ पर लें।
- सेवन: इसे केवल एक ही दिन में तीन बार (सुबह, दोपहर, शाम) लें। ध्यान रहे, इसे तभी लें जब आपकी पथरी पूरी तरह निकल चुकी हो।
पथरी में क्या न खाएं (सख्त परहेज)
पथरी के मरीजों को इन चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पथरी बनाने वाले तत्वों को बढ़ाती हैं:
- पालक और टमाटर: इनमें ऑक्सालेट्स (Oxalates) अधिक होते हैं, जो कैल्शियम के साथ मिलकर पथरी बनाते हैं।
- चूना (कैल्शियम सप्लीमेंट): पान में खाया जाने वाला चूना या कैल्शियम की गोलियां बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
- बीज वाली सब्जियां: बैंगन, भिंडी और टमाटर के बीज वाली सब्जियों से परहेज करें।
- डेयरी उत्पाद: बहुत अधिक पनीर या अत्यधिक कैल्शियम युक्त दूध का सेवन सीमित करें।
- नॉन-वेज और अत्यधिक नमक: अधिक प्रोटीन और नमक का सेवन किडनी पर दबाव डालता है।
- कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा: इनमें मौजूद फास्फोरिक एसिड पथरी की समस्या को बढ़ाता है।
पथरी में क्या करें (जीवनशैली सुझाव)
- पर्याप्त पानी पिएं: दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं ताकि गंदगी पेशाब के रास्ते बाहर निकलती रहे।
- सोनोग्राफी कराते रहें: हर 2 महीने में जांच करवाएं ताकि सुधार की स्थिति पता चलती रहे।
- योग और व्यायाम: सक्रिय रहें, लेकिन बहुत भारी वजन उठाने वाले व्यायामों से बचें।
