आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में लोग शारीरिक और मानसिक बीमारियों से घिरे हैं, और बिना सोचे-समझे एलोपैथी पर निर्भर हो जाते हैं। हमारा हेल्थ ब्लॉग 'Healthier Ways of Life' प्राकृतिक, आयुर्वेदिक और स्वर विज्ञान पर आधारित सरल व सस्ते उपायों के ज़रिए आपको स्वस्थ जीवन की दिशा में मार्गदर्शन देता है। समझें जड़ों को और अपनाएँ सच्चे समाधान! नोट: ऊपर बाई ओर 3 लाईन को क्लिक करें, ब्लॉग के features देखें। धन्यवाद..!! गुगल ट्रांसलेट के फीचर्स से विश्व के सभी भाषाओं में देखें
शारीरिक स्थिति संतोषजनक रहे, इसके लिए जरूरी है मानसिक स्थिति भी तदनुसार हो। पौराणिक ग्रंथों में शरीर को सामान्यतः तीन भागों में बांटा गया है:
मन अपनी चंचलता और शैतानी दिखाने के लिए प्रसिद्ध है। कब, कहां और कैसे क्या करा बैठेगा कहा नहीं जा सकता, किन्तु हाँ इसका प्रतिफल किसी न किसी रूप में मिलता ही है।
वास्तव में मांसाहार-हिंसा, लोभ-लालच, ईर्ष्या-द्वेष, के साथ ही कुत्सित कामवासना की तरंगे धूल की तरह उड़ती हैं और कमजोर मानसिक अवस्था में शरीर के स्वास्थ्य को प्रभावित करती रहती हैं।
स्वस्थ रहने के लिए हमें मन को स्वच्छ बनाने की जिज्ञासा तीव्र करनी होगी, अपनी आस्था और दृष्टिकोण उस तरफ ले जाने की जरूरत है जहाँ लोग स्वर्ग जैसे माहौल में अपनी खान-पान और रहन-सहन को बनाकर जीवन का आनन्द ले रहे हैं।
महापुरुषों की वाणी है कि जीवन का अंतिम लक्ष्य ज्ञान नहीं प्रेम का आदान-प्रदान है और इसी के लिए इस जीवन की प्राप्ति हुई है।
- विजय कश्यप
लेखक : द हेल्थ जनरल