https://www.thehealthjournal.co.in THE HEALTH JOURNAL written and designed by VIJAY K KASHYAP

पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड

चित्र
पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड ​ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान की अनियंत्रित आदतों के कारण पथरी (Stone) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। किडनी, पित्त की थैली ( Gall Bladder ) या मूत्र मार्ग में होने वाली यह समस्या असहनीय दर्द का कारण बनती है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है; इसके साथ सही खान-पान और सख्त परहेज का पालन करना भी अनिवार्य है। आज के इस लेख में हम होम्योपैथिक दृष्टिकोण और आहार संबंधी आवश्यक सावधानियों पर चर्चा करेंगे। ​ पथरी होने के लक्षण और पहली सावधानी ​ पथरी होने का मुख्य संकेत किडनी के आसपास होने वाला तीव्र दर्द है। यदि सोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड में पथरी की पुष्टि होती है, तो सबसे पहली सावधानी यह बरतें कि कैल्शियम (चूना) का सेवन पूरी तरह बंद कर दें । शरीर में कैल्शियम का सही ढंग से न पचना ही स्टोन बनने का सबसे बड़ा कारण है। ​ पथरी को गलाने के लिए होम्योपैथिक उपाय ​ होम्योपैथी में पथरी को धीरे-धीरे घोलकर बाहर निकालने के लिए दो प्रभावी औषधियाँ सुझाई जाती हैं: ​ बर्बेरिस वल्गेरिस (Berberis Vulg...

घरेलू रसोई में इन चीजों को बदलना बेहद जरूरी है : दीर्घायु व अप्रतिम हेल्थ बेनिफिट का राज


घरेलू रसोई में इन चीजों को बदलना बेहद जरूरी है :
दीर्घायु व अप्रतिम हेल्थ बेनिफिट का राज

आज के समय में जीवनशैली की गड़बड़ियों और भोजन की अशुद्धियों के कारण बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। लेकिन यदि हम अपने रोजमर्रा के भोजन और आदतों में थोड़े-से बदलाव करें तो हम लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं और दीर्घायु के साथ सुखद वृद्धावस्था का आनंद ले सकते हैं। आइए जानें कि रसोई में किन बदलावों से हमें अप्रतिम स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं –


1. चीनी की जगह गुड़

परिष्कृत चीनी (Refined Sugar) शरीर में केवल खाली कैलोरी भरती है और मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग जैसी बीमारियों को जन्म देती है। इसके स्थान पर गुड़ का सेवन करें, जिसमें आयरन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। यह पाचन को भी बेहतर करता है और ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।


2. समुद्री नमक की जगह सेंधा व काला नमक

साधारण सफेद नमक में आयोडीन और खनिज तत्वों की कमी होती है। वहीं सेंधा नमक और काला नमक पाचन शक्ति बढ़ाते हैं, गैस व अपच कम करते हैं और शरीर में आवश्यक मिनरल्स की पूर्ति करते हैं।


3. रिफाइंड तेल की जगह पीली सरसों का तेल

रिफाइंड तेल बार-बार रासायनिक प्रक्रिया से गुजरता है, जिससे इसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और यह हृदय व लिवर को नुकसान पहुंचाता है। इसके स्थान पर पीली सरसों का तेल प्रयोग करें, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है और हड्डियों व जोड़ों के लिए भी लाभकारी है।


4. मैदा से बनी चीजों से परहेज

मैदा (Refined Flour) पचने में भारी है और कब्ज, गैस, मोटापा, मधुमेह की जड़ है। इसके स्थान पर गेहूं का आटा और अन्य अनाज (जैसे जौ, बाजरा, ज्वार) का उपयोग करें।


5. डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से दूरी

डिब्बाबंद स्नैक्स और फास्ट फूड में प्रिज़रवेटिव, अधिक नमक व तेल होते हैं। इसकी जगह घर के बने पौष्टिक नाश्ते अपनाएँ –
  • गुड़ का हलवा
  • पोहा
  • मूंगफली (भुनी हुई या रातभर भिगोकर)
  • ड्राई फ्रूट्स (पानी में भिगोकर)
ये ऊर्जा के साथ शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी देते हैं।


6. चाय की तलब पर पानी

जब भी चाय पीने की आदत लगे, उसकी जगह एक गिलास पानी पिएं। इससे न सिर्फ निर्जलीकरण से बचाव होगा बल्कि कैफीन की लत भी धीरे-धीरे कम होगी।


7. दोपहर की भूख पर फल

जंक फूड या बिस्कुट खाने के बजाय भूख लगने पर ताजे मौसमी फल लें। ये शरीर को तुरंत ऊर्जा, विटामिन्स और मिनरल्स प्रदान करते हैं।


8. रात्रि का भोजन समय पर

रात को देर से भोजन करने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। कोशिश करें कि शाम 8 बजे तक भोजन कर लें और यदि संभव हो तो सूर्यास्त से पहले ही। जल्दी सोने की आदत भी दीर्घायु में सहायक है।


9. जले हुए तेल का प्रयोग न करें

खाना तलने के बाद बचे हुए जले हुए तेल को कभी भी पुनः इस्तेमाल न करें। यह शरीर में ज़हर की तरह कार्य करता है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।


10. ठंडे पानी की बजाय सामान्य/गर्म पानी

फ्रिज का ठंडा पानी पीने से पाचन तंत्र व गले पर विपरीत असर होता है। इसके स्थान पर सामान्य या गुनगुना पानी पीने की आदत डालें। यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी सहायक है।


निष्कर्ष :

भोजन और आदतों में छोटे-छोटे बदलाव, जैसे गुड़, सेंधा नमक, सरसों का तेल, आटे के खाद्य पदार्थ, ताजे फल व घर के बने नाश्ते का प्रयोग हमें न केवल बीमारियों से बचाते हैं बल्कि जीवन को स्वस्थ, ऊर्जावान और लंबा बनाते हैं। अगर हम समय पर भोजन, पर्याप्त नींद और शुद्ध पानी जैसी आदतों को अपनाएँ तो सचमुच हम दीर्घायु और अप्रतिम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।




देखने के लिए स्क्रोल करें :

इन सरल अभ्यासों और रसोई की खानपान से दिमाग को बनायें शार्प

शरीर खुद ही करता है सभी रोगों का इलाज | जानें प्रकृति के अद्भुत रहस्य और प्राकृतिक उपचार

उम्र बढ़ने के साथ शरीर से ज्यादा मन जिम्मेवार है यौन दुर्बलता हेतु : नित्य नाड़ी शोधन कर इच्छा को बलवान बनायें

नीम और हल्दी का सही उपयोग करके टाइप 2 डायबिटीज (शुगर) को कंट्रोल करें – प्राकृतिक और असरदार उपाय

गर्मी के दिनों में चना सत्तू खाने के फायदे - एक संपूर्ण गाइड

अनुशासित मन-मस्तिष्क ही राज है स्वस्थ रहने का

टाईप 2 शुगर से बचाव (Type 2 Sugar prevention) का आसान और बेहतर उपाय

कान दर्द की समस्या: पाएं असरदार आयुर्वेदिक समाधान

गर्मी और सर्दी की संवेदनशीलता का स्वास्थ्य पर प्रभाव : जानिए बचाव के उपाय

गहरी नींद से खुद-ब-खुद ठीक होने लगती हैं ये बीमारियाँ : फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे