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पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड

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पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड ​ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान की अनियंत्रित आदतों के कारण पथरी (Stone) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। किडनी, पित्त की थैली ( Gall Bladder ) या मूत्र मार्ग में होने वाली यह समस्या असहनीय दर्द का कारण बनती है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है; इसके साथ सही खान-पान और सख्त परहेज का पालन करना भी अनिवार्य है। आज के इस लेख में हम होम्योपैथिक दृष्टिकोण और आहार संबंधी आवश्यक सावधानियों पर चर्चा करेंगे। ​ पथरी होने के लक्षण और पहली सावधानी ​ पथरी होने का मुख्य संकेत किडनी के आसपास होने वाला तीव्र दर्द है। यदि सोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड में पथरी की पुष्टि होती है, तो सबसे पहली सावधानी यह बरतें कि कैल्शियम (चूना) का सेवन पूरी तरह बंद कर दें । शरीर में कैल्शियम का सही ढंग से न पचना ही स्टोन बनने का सबसे बड़ा कारण है। ​ पथरी को गलाने के लिए होम्योपैथिक उपाय ​ होम्योपैथी में पथरी को धीरे-धीरे घोलकर बाहर निकालने के लिए दो प्रभावी औषधियाँ सुझाई जाती हैं: ​ बर्बेरिस वल्गेरिस (Berberis Vulg...

Horse Stands क्या है? 50 के बाद इसे नित्य करें और जवानी बनाए रखें


Horse Stands क्या है?
50 के बाद इसे नित्य करें और जवानी बनाए रखें 🐎

क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक साधारण-सी मुद्रा (पोज़) आपको फिर से युवा और ऊर्जावान बना सकती है?
यह मुद्रा है — Horse Stands (घोड़े जैसी खड़ी मुद्रा), जिसे योग और मार्शल आर्ट दोनों में अत्यंत लाभदायक आसन माना गया है।


 Horse Stands क्या है?

Horse Stand जिसे संस्कृत में अश्व-स्थिति आसन (Ashwa Sthiti Asana) भी कहा जाता है, एक ऐसी योगिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने पैरों को कंधे से थोड़ा ज़्यादा फैलाकर, घुटनों को मोड़कर, और रीढ़ को सीधा रखकर खड़ा होता है — ठीक वैसे ही जैसे कोई घोड़ा युद्ध के लिए तैयार हो।
यह आसन दिखने में आसान लगता है, लेकिन इसमें शक्ति, संतुलन और सहनशीलता की परीक्षा होती है।


 Horse Stands करने की विधि :

  1. सीधे खड़े हों, दोनों पैरों में 2-3 फीट का अंतर रखें।
  2. पैरों की उंगलियाँ बाहर की ओर (45° कोण पर) फैलाएँ।
  3. धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ें जब तक आपकी जाँघें ज़मीन के लगभग समानांतर न हो जाएँ।
  4. रीढ़ सीधी रखें, छाती बाहर की ओर और पेट अंदर।
  5. दोनों हाथों को प्रार्थना मुद्रा में या सामने की ओर फैलाकर रखें।
  6. धीरे-धीरे और गहरी साँसें लें।
  7. शुरुआत में 30 सेकंड तक रहें, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाकर 2-3 मिनट तक करें।


 इस आसन से क्या-क्या लाभ होते हैं? 

 1. मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है

Horse Stands में संतुलन बनाए रखने से मस्तिष्क की तंत्रिका प्रणाली सक्रिय होती है, जिससे मन शांत और केंद्रित होता है।

 2. पैरों और जांघों की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं

यह मुद्रा जांघ, कूल्हे, घुटने और पिंडलियों के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यायाम है। रोज़ाना इसे करने से शक्ति और सहनशक्ति दोनों बढ़ती हैं।

 3. रीढ़ और जोड़ों में लचीलापन आता है

रीढ़ सीधी रखने से पोश्चर सुधरता है, जिससे कमर दर्द, सायटिका जैसी समस्याएँ दूर रहती हैं।

4. हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है

50 वर्ष के बाद शरीर में टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हार्मोन का स्तर घटने लगता है।

Horse Stands इन्हें प्राकृतिक रूप से सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे शरीर में जवानी और ऊर्जा बनी रहती है।

 5. रक्त-संचार और प्राण ऊर्जा में वृद्धि

यह मुद्रा पैरों से ऊपर तक रक्त प्रवाह को उत्तेजित करती है, जिससे कोशिकाएँ अधिक ऑक्सीजन प्राप्त करती हैं।

योग में इसे प्राण-ऊर्जा जगाने वाला आसन कहा गया है।


 50 वर्ष के बाद क्यों करें यह आसन..! 

  • इस उम्र में मांसपेशियों की शक्ति और हार्मोन स्तर दोनों कम होने लगते हैं।
  • नियमित Horse Stand से शरीर का बुढ़ापा धीमा पड़ता है
  • यह हड्डियों की मजबूती और जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखता है।
  • इससे आपका पैरों में रक्त प्रवाह और ऊर्जा-संचार बढ़ता है, जिससे आलस्य नहीं रहता।


 सावधानियाँ:

  • जिन लोगों को घुटनों में दर्द या गठिया है, वे शुरुआत में बहुत नीचे न झुकें।
  • हृदय रोगी या उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति किसी योग प्रशिक्षक की सलाह लेकर करें।
  • खाली पेट, सुबह के समय करना सबसे श्रेष्ठ है।


 निष्कर्ष :

Horse Stands सिर्फ एक व्यायाम नहीं, बल्कि एक शक्ति-स्थित आसन है जो शरीर और मन दोनों को संतुलित करता है।

अगर आप 50 वर्ष के बाद भी ऊर्जावान, चुस्त और युवा दिखना चाहते हैं, तो इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना लें।

3 मिनट की यह मुद्रा आपकी जवानी को बरकरार रखेगी — बिल्कुल प्राकृतिक और बिना किसी दवा के।


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