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पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड

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पथरी (Stone) की समस्या: कारण, निवारण और संपूर्ण परहेज गाइड ​ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान की अनियंत्रित आदतों के कारण पथरी (Stone) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। किडनी, पित्त की थैली (Gall Bladder) या मूत्र मार्ग में होने वाली यह समस्या असहनीय दर्द का कारण बनती है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है; इसके साथ सही खान-पान और सख्त परहेज का पालन करना भी अनिवार्य है। आज के इस लेख में हम होम्योपैथिक दृष्टिकोण और आहार संबंधी आवश्यक सावधानियों पर चर्चा करेंगे। ​ पथरी होने के लक्षण और पहली सावधानी ​ पथरी होने का मुख्य संकेत किडनी के आसपास होने वाला तीव्र दर्द है। यदि सोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड में पथरी की पुष्टि होती है, तो सबसे पहली सावधानी यह बरतें कि कैल्शियम (चूना) का सेवन पूरी तरह बंद कर दें । शरीर में कैल्शियम का सही ढंग से न पचना ही स्टोन बनने का सबसे बड़ा कारण है। ​ पथरी को गलाने के लिए होम्योपैथिक उपाय ​ होम्योपैथी में पथरी को धीरे-धीरे घोलकर बाहर निकालने के लिए दो प्रभावी औषधियाँ सुझाई जाती हैं: ​ बर्बेरिस वल्गेरिस (Berberis Vulgar...

बिस्तर गीला करने की समस्या: कारण, समझ और आसान घरेलू उपाय


बिस्तर गीला करने की समस्या:
कारण, समझ और आसान घरेलू उपाय

क्या आपका बच्चा या परिवार का कोई सदस्य रात को सोते समय अनजाने में बिस्तर गीला कर देता है? अगर हाँ, तो सबसे पहले यह जान लें कि आप अकेले नहीं हैं और इसमें परेशान होने या बच्चे को डांटने जैसी कोई बात नहीं है। यह एक ऐसी स्थिति है जिससे कई बच्चे और यहाँ तक कि कुछ बड़े भी गुजरते हैं।

बिस्तर गीला करना (Bedwetting) क्या है?

चिकित्सीय भाषा में इसे 'नोक्टर्नल एन्यूरेसिस' (Nocturnal Enuresis) कहा जाता है। आमतौर पर 2-3 साल की उम्र तक बच्चों का मूत्राशय (bladder) विकसित और मजबूत हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह प्रक्रिया धीमी होती है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि अक्सर मूत्राशय की मांसपेशियों के नियंत्रण की कमी के कारण होता है।

यह समस्या क्यों होती है?

ज़्यादातर मामलों में इसके पीछे कोई गंभीर कारण नहीं होता। हालांकि, कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं:

  • ​मूत्राशय की मांसपेशियों का कमज़ोर होना।
  • ​गहरी नींद के कारण मूत्राशय भरने का एहसास न होना।
  • ​शरीर में कमजोरी या इम्युनिटी का कम होना।
  • ​सर्दियों में यह समस्या और भी बढ़ जाती है।

दिनचर्या में बदलाव (Lifestyle Changes)

घरेलू उपायों के साथ-साथ कुछ आदतें बदलना बहुत ज़रूरी है:

  1. तरल पदार्थों पर नियंत्रण: रात को सोने से करीब 2 घंटे पहले बच्चे का खाना-पीना सीमित कर दे। 
  2. नियमित आदत: सोने से पहले बच्चे को पेशाब करने के लिए प्रेरित करें।
  3. रात का अलार्म: बच्चे के सोने के 3 घंटे बाद अलार्म लगाकर उसे उठाएं और बाथरूम ले जाएं। ऐसा कुछ दिनों तक करने से उनकी आदत में सुधार आने लगता है।

असरदार घरेलू नुस्खे

प्राकृतिक तरीके अक्सर इस समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं:

1. खजूर और दूध का सेवन

तीन से चार खजूर को दूध में अच्छी तरह पका लें। खजूर की गुठली निकालकर बच्चे को खिलाएं और ऊपर से वह दूध पिला दें। यह उपाय कमज़ोरी दूर करने और बार-बार पेशाब आने की समस्या में बहुत कारगर है।

2. अखरोट और किशमिश

रात को सोने से पहले बच्चे को 2-3 अखरोट और 8-10 किशमिश खिलाने से नर्वस सिस्टम मजबूत होता है और बिस्तर गीला करने की आदत में सुधार आता है।

3. हल्दी वाला दूध या पानी 

    ( गुड़ अथवा शहद के साथ

​हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। आप रात को सोने से पहले बच्चों को हल्का गुनगुना हल्दी वाला दूध या हल्दी वाला पानी पिला सकते हैं। इसमें मिठास के लिए थोड़ा गुड़ मिलाना भी फायदेमंद होता है।

4. शहद का प्रयोग

 हल्दी का टेस्ट खराब लगे तो गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर सोने से एक घंटे पहले देने से भी यह समस्या कुछ ही दिनों में दूर हो सकती है।

नोट: इनमें से किसी भी एक नुस्खे को चुनें और उसे कम से कम कुछ हफ्तों तक निरंतर अपनाएं।

निष्कर्ष:

बिस्तर गीला करना एक सामान्य अवस्था है, जिसे धैर्य और सही आदतों से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। बच्चे को डांटने या शर्मिंदा करने के बजाय उन्हें प्यार से समझाएं और ऊपर बताए गए छोटे-छोटे बदलावों को अपनाएं। यदि समस्या बहुत लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेने में बिल्कुल संकोच न करें।

✍️ लेखक : विजय कुमार कश्यप 

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