कोहिनूर से भी कीमती है ये आँखें :
आंखों की रोशनी बनाए रखना चाहते हैं? जानिए आंखों की देखभाल के 10 असरदार घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय—साफ-सफाई, सही आहार, सुरमा, आंखों का व्यायाम और नियमित जांच।
आंखों की देखभाल क्यों है जरूरी.. ?
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बढ़ती उम्र, स्क्रीन टाइम और प्रदूषण के कारण आंखों की रोशनी पर असर पड़ना आम हो गया है। लेकिन थोड़ी सी सावधानी और नियमित दिनचर्या से हम आंखों को जीवनभर स्वस्थ बनाए रख सकते हैं।
1. स्वच्छ पानी से आंखों की सफाई
हर 3 घंटे पर आंखें धोएं।
ताजे पानी से आंखों को मलकर साफ करें।
इससे धूल और सूक्ष्म कणों से बचाव होता है।
2. आयुर्वेदिक सुरमा का प्रयोग
प्रातः और रात्रि में शुद्ध सुरमा लगाना लाभकारी है।
इससे आंखों की रोशनी तेज होती है और थकावट दूर होती है।
त्रिफला या आमला युक्त सुरमा विशेष लाभदायक माना जाता है।
3. आंखों का व्यायाम करें
गर्दन सीधी रखकर आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं घुमाएं।
20-20-20 नियम अपनाएं:
हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर देखना, 20 सेकंड के लिए।
4. रात में पूरी नींद लें :
कम से कम 6-7 घंटे की गहरी नींद जरूरी है।
नींद की कमी से आंखों में जलन, सूजन और थकावट होती है।
5. डिजिटल डिटॉक्स जरूरी है
मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का सीमित उपयोग करें।
ब्लू लाइट फिल्टर या चश्मा उपयोग में लें।
6. धूल और धुएं से आंखों की सुरक्षा
बाहर जाते समय सनग्लासेस पहनें।
यूवी किरणों और प्रदूषण से आंखों की रक्षा करें।
7. आंखों के लिए फायदेमंद आहार :
4-5 बादाम रात में पानी में भिगोकर
सुवह छिलके उतार कर चबा चबा कर खाएं। जब
तक गाजर उपलब्ध हो सलाद में लेते रहें।
8. सुबह-शाम टहलना शुरू करें
15-20 मिनट की सैर आंखों को रक्त संचार बढ़ाने में मदद करती है।
सूर्योदय की प्राकृतिक रोशनी आंखों के लिए लाभकारी होती है।
9. 40 की उम्र के बाद नियमित नेत्र जांच :
वर्ष में एक बार कुशल नेत्र चिकित्सक से जांच करवाएं।
मोतियाबिंद, ग्लूकोमा जैसे रोगों का प्रारंभिक निदान संभव होता है।
10. सही नंबर के चश्मे का उपयोग करें
आंखों पर तनाव से बचने के लिए पावर का सही चश्मा पहनें।
बिना नंबर या गलत नंबर के चश्मे से दृष्टिदोष बढ़ सकता है।
निष्कर्ष:
आंखों की देखभाल एक निवेश है। आंखें अनमोल हैं। आयुर्वेद, संतुलित आहार, योग और आधुनिक विज्ञान को अपनाकर आप अपनी आंखों की रोशनी को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
लेखक : विजय कुमार कश्यप