https://www.thehealthjournal.co.in THE HEALTH JOURNAL written and designed by VIJAY K KASHYAP

शुगर कंट्रोल करने का बेहद आसान तरीका: 7 दिन में देखें फर्क

चित्र
शुगर कंट्रोल करने का बेहद आसान तरीका: 7 दिन में देखें फर्क   ​क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो रोजाना सुबह जल्दी उठकर वॉक करते हैं, मीठा खाना बिल्कुल बंद कर चुके हैं, चावल और आलू से परहेज करते हैं और समय पर दवाइयां भी लेते हैं, फिर भी आपकी ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं आ रही है? यदि हाँ, तो यह ब्लॉग आपके लिए ही है। ​आइए, इसे बेहतर ढंग से समझने के लिए शर्मा जी के एक वास्तविक उदाहरण से शुरुआत करते हैं। ​ शर्मा जी की कहानी: सब कुछ करने के बाद भी शुगर अनियंत्रित क्यों? ​ पिछले महीने शर्मा जी डॉक्टर के पास अपनी 6 महीने की शुगर रिपोर्ट्स का पूरा बंडल लेकर आए। वे बेहद अनुशासनप्रिय व्यक्ति हैं—रोजाना सुबह 5:00 बजे उठकर 40 मिनट वॉक करते थे, मीठा, चावल और आलू पूरी तरह से छोड़ चुके थे, और बिना किसी छुट्टी के अपनी दवाइयां नियमित रूप से ले रहे थे। इसके बावजूद उनकी फास्टिंग शुगर 190 से नीचे नहीं आ रही थी। थक हारकर उन्होंने पूछा, "डॉक्टर साहब, मैं सब कुछ कर रहा हूँ, फिर भी मेरी शुगर कंट्रोल में क्यों नहीं आ रही है?" ​ यदि आपकी कहानी भी शर्मा जी जैसी ही है, तो आइए जानते वे तीन मुख्य कारण...

मत हों परेशान अब स्लीप डिस्क के दर्द से - दीवार के सहारे खड़े होकर यह करें


 स्लीप डिस्क के कारण कभी-कभी घुटने में 

तेज दर्द होने लगता है, ऐसे में आप कोई भी मलहम लगा

कर पहले उस स्थान की ठीक से मालीश कर लें ताकि 

जकड़न कम जाय तब दीवार के सहारे बिल्कुल सीधे

 खड़े होकर यह सरल क्रिया करें -

 यह व्यायाम कैसे करें? 

  1. दीवार के पास खड़े हों:

    • पीठ, सिर, और कंधे पूरी तरह दीवार से सटा लें।
    • शरीर सीधा और सहज हो।
  2. दर्द वाले पैर को स्थिर रखें:

    • अगर एक घुटने या पैर में दर्द है, तो अधिकतर मामलों में यह स्लिप डिस्क के दबाव से होता है।
    • दर्द वाला पैर बिना हिलाए स्थिर स्थिति में ही रहे।
  3. जो पैर ठीक है, उसे जितना आगे बढ़ा सकें करें और उठाकर उसके चौवे को हल्का अर्द्धवृत्त में उसी पैर की तरफ जमीन को तीन चार बार छूते हुए गोल गोल घुमायें

    • ठीक पैर को सामने की दिशा में थोड़ा आगे बढ़ाएँ।
    • फिर उसी पैर से ज़मीन पर अर्द्धवृत्त (half circle) बनाते हुए धीरे-धीरे उसे पीछे की ओर ले जाएँ।
    • यह एक आवृत्ति (repetition) मानी जाती है।
  4. कुल 15 बार यह क्रिया दोहराएँ:

    • प्रतिदिन 15 आवृत्तियाँ करना बताया गया है।
    • यह क्रिया धीरे-धीरे और ध्यानपूर्वक करनी चाहिए।
  5. क्रिया के दौरान ध्यान रखें:

    • शरीर का संतुलन बनाए रखें।
    • गर्दन, पीठ और दर्द वाला पैर हिलाए बिना स्थिर रहें।
    • श्वास सामान्य रखें और पूरी एकाग्रता के साथ करें।

यह क्यों असरदार है?

  • दर्द वाले हिस्से पर दबाव कम होता है।
  • स्नायु और मांसपेशियों में संतुलन बनता है।
  • स्लिप डिस्क के कारण जो नस दबती है, उसपर से तनाव कम होता है।
  • ध्यानपूर्वक चलायमान व्यायाम के कारण शरीर की ऊर्जा सक्रिय होती है।

आयुर्वेदिक परिप्रेक्ष्य में व्याख्या

  • इस क्रिया से वात दोष का निवारण होता है।
  • शरीर में प्राकृतिक गमन शक्ति (Mobility) लौटती है।
  • यह एक तरह की गति एवं विश्राम की चिकित्सा है — जहां एक अंग स्थिर है, दूसरा संतुलित गति में।

निष्कर्ष:

अगर आप स्लिप डिस्क से उत्पन्न घुटने या कमर के दर्द से परेशान हैं, तो यह सरल लेकिन चमत्कारी व्यायाम आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। सिर्फ दीवार के सहारे खड़े होकर 15 बार सही तरीके से यह अर्द्धवृत्तीय क्रिया करने से आपको राहत मिल सकती है — न दवा, न खर्च, बस संयम और नियम।

देखने के लिए स्क्रोल करें :

आयुर्वेदिक आदतें जो दवा से बेहतर हैं: स्वस्थ और दीर्घायु जीवन का प्राकृतिक मार्ग

क्या आप जानते हैं कि आपके घर की रसोई ही दुनिया की सबसे बड़ी और सुरक्षित डिस्पेंसरी है?

स्वस्थ मुस्कान का रहस्य: दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने के संपूर्ण उपाय

30 की उम्र के बाद कमजोरी? शरीर में नई ताकत भर देंगे ये 10 हाई-प्रोटीन फूड्स

डिजिटल बुढ़ापा: क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जवानी छीन रहा है?

इन सरल अभ्यासों और रसोई की खानपान से दिमाग को बनायें शार्प

रात 2 बजे अचानक नींद क्यों टूटती है? पानी पीने की गलत आदतें और समाधान

स्वास्थ्य और आयुर्वेद: द हेल्थ जरनल की ज्ञान-यात्रा

शरीर खुद ही करता है सभी रोगों का इलाज | जानें प्रकृति के अद्भुत रहस्य और प्राकृतिक उपचार

​चिकनगुनिया से जंग: लक्षण और प्रभावी घरेलू नुस्खे