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भृंगराज के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ: एक संपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि

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भृंगराज के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ: एक संपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि ​ भृंगराज को आयुर्वेद में एक बहुत ही गुणकारी और चमत्कारी जड़ी-बूटी माना गया है। इसे आयुर्वेद में बालों के लिए हितकारी यानी 'केश्य' और शरीर को ऊर्जा देने वाला 'रसायन' कहा गया है। यह सिर्फ आपके बालों और त्वचा के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर की कई अंदरूनी समस्याओं को ठीक करने में भी बहुत मददगार है। आइए इस लेख में भृंगराज के गुणों और इसके फायदों के बारे में आसान भाषा में जानते हैं। ​भृंगराज क्या है और आयुर्वेद में इसका परिचय? ​भृंगराज एक आम आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो भारत में अक्सर नमी वाली जगहों या पानी के आसपास आसानी से मिल जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम 'एक्लिप्टा अल्बा' है। आयुर्वेद के अनुसार इसके गुण इस प्रकार हैं: ​ यह शरीर में हल्कापन लाने वाली और थोड़ी रूखी होती है। ​इसका स्वाद तीखा और कड़वा होता है। ​इसकी तासीर गर्म होती है। ​यह मुख्य रूप से शरीर में वात और कफ दोष को शांत करने का काम करती है। ​भृंगराज के प्रमुख औषधीय लाभ ​ 1. बालों और सिर की सेहत के लिए वरदान ​भृंगराज का नाम आते ही सबसे पहले बालों ...

सूर्य नमस्कार: एक संपूर्ण साधना और 12 चरणों का वैज्ञानिक रहस्य

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​ विश्व योग     दिवस, 21 जुन:  पर जानें..  सूर्य नमस्कार: एक संपूर्ण साधना और 12 चरणों का वैज्ञानिक रहस्य ​ योग की प्राचीन परंपरा में 'सूर्य नमस्कार' को एक पूर्ण योग माना गया है। यह मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए शरीर, मन और आत्मा को ऊर्जावान बनाने की एक जीवंत प्रक्रिया है। यह अभ्यास शरीर की समस्त मांसपेशियों को सक्रिय करता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार लाता है। ​ सूर्य नमस्कार के 12 चरण  ​ सूर्य नमस्कार को हमेशा खाली पेट करना चाहिए और अभ्यास के दौरान श्वास-प्रश्वास की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ​ 1. प्रणामासन (Prayer Pose) ​ सीधे खड़े होकर अपने दोनों पैरों को आपस में जोड़ें। गहरी सांस लें और अपने हाथों को सीने के पास लाकर नमस्कार की मुद्रा में जोड़ें। यह मन को एकाग्र करता है। ​ 2. हस्त उत्तानासन (Raised Arms Pose) ​ सांस भरते हुए अपनी दोनों भुजाओं को ऊपर की ओर उठाएं। कानों से सटाते हुए हाथों को सीधा रखें और कमर से थोड़ा पीछे की ओर झुकें। ​3. पादहस्तासन (Hand to Foot Pose) ​सांस छोड़ते हुए धीरे-धी...