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सूर्य नमस्कार: एक संपूर्ण साधना और 12 चरणों का वैज्ञानिक रहस्य

विश्व योग  दिवस, 21 जुन: पर जानें.. 


सूर्य नमस्कार: एक संपूर्ण साधना और 12 चरणों का वैज्ञानिक रहस्य

योग की प्राचीन परंपरा में 'सूर्य नमस्कार' को एक पूर्ण योग माना गया है। यह मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए शरीर, मन और आत्मा को ऊर्जावान बनाने की एक जीवंत प्रक्रिया है। यह अभ्यास शरीर की समस्त मांसपेशियों को सक्रिय करता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार लाता है।

सूर्य नमस्कार के 12 चरण 

सूर्य नमस्कार को हमेशा खाली पेट करना चाहिए और अभ्यास के दौरान श्वास-प्रश्वास की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

1. प्रणामासन (Prayer Pose)

सीधे खड़े होकर अपने दोनों पैरों को आपस में जोड़ें। गहरी सांस लें और अपने हाथों को सीने के पास लाकर नमस्कार की मुद्रा में जोड़ें। यह मन को एकाग्र करता है।

2. हस्त उत्तानासन (Raised Arms Pose)

सांस भरते हुए अपनी दोनों भुजाओं को ऊपर की ओर उठाएं। कानों से सटाते हुए हाथों को सीधा रखें और कमर से थोड़ा पीछे की ओर झुकें।

​3. पादहस्तासन (Hand to Foot Pose)

​सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। अपने हाथों को पैरों के पास जमीन पर टिकाने का प्रयास करें। घुटने सीधे रखने का प्रयास करें।

4. अश्व संचालनासन (Equestrian Pose)

सांस भरते हुए अपने दाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं। घुटने को जमीन पर टिकाएं और बाएं पैर को हाथों के बीच रखें। दृष्टि सामने की ओर रखें।

5. दंडासन (Stick Pose)

​सांस छोड़ते हुए अपने बाएं पैर को भी पीछे ले जाएं। अब शरीर को एक सीधी रेखा में रखें, जैसे एक तख्ता या डंडा हो। हथेलियां कंधों के नीचे होनी चाहिए।

6. अष्टांग नमस्कार (Salute with Eight Parts)

सांस छोड़ते हुए अपने घुटने, छाती और ठोड़ी को जमीन पर टिकाएं। इस स्थिति में शरीर के 8 अंग जमीन को स्पर्श करते हैं।

7. भुजंगासन (Cobra Pose)

सांस भरते हुए धीरे-धीरे छाती को ऊपर उठाएं। गर्दन को पीछे की तरफ झुकाएं और दृष्टि आसमान की ओर रखें

​8. पर्वतासन (Mountain Pose)

सांस छोड़ते हुए अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं। शरीर एक उल्टे 'V' आकार में होना चाहिए। एड़ियों को जमीन पर टिकाने का प्रयास करें।

9. अश्व संचालनासन (Equestrian Pose)

सांस भरते हुए दाएं पैर को आगे लाएं और दोनों हाथों के बीच रखें। बाएं घुटने को जमीन पर टिकाएं और दृष्टि सामने रखें।

10. पादहस्तासन (Hand to Foot Pose)

सांस छोड़ते हुए बाएं पैर को भी आगे लाएं और पादहस्तासन की स्थिति में आ जाएं।

11. हस्त उत्तानासन (Raised Arms Pose)

सांस भरते हुए सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को ऊपर उठाकर पीछे की ओर झुकें।

12. प्रणामासन (Prayer Pose)

अंत में, सांस छोड़ते हुए वापस सीधा खड़े हो जाएं और हाथों को नीचे लाकर नमस्कार की मुद्रा में आ जाएं। शरीर को ढीला छोड़ें।

निष्कर्ष:

सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास न केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता और आंतरिक शांति भी प्रदान करता है। आप अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार इसे 5 से 10 मिनट तक निरंतर कर सकते हैं। आज के भागदौड़ भरे जीवन में, यदि हम अपनी दिनचर्या में सूर्य नमस्कार को सम्मिलित कर लें, तो हम एक दीर्घायु और रोगमुक्त जीवन की नींव रख सकते हैं।

योग करें, स्वस्थ रहें!

✍️ लेखक : विजय कुमार कश्यप 


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