https://www.thehealthjournal.co.in THE HEALTH JOURNAL written and designed by VIJAY K KASHYAP

भृंगराज के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ: एक संपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि

चित्र
भृंगराज के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ: एक संपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि ​ भृंगराज को आयुर्वेद में एक बहुत ही गुणकारी और चमत्कारी जड़ी-बूटी माना गया है। इसे आयुर्वेद में बालों के लिए हितकारी यानी 'केश्य' और शरीर को ऊर्जा देने वाला 'रसायन' कहा गया है। यह सिर्फ आपके बालों और त्वचा के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर की कई अंदरूनी समस्याओं को ठीक करने में भी बहुत मददगार है। आइए इस लेख में भृंगराज के गुणों और इसके फायदों के बारे में आसान भाषा में जानते हैं। ​भृंगराज क्या है और आयुर्वेद में इसका परिचय? ​भृंगराज एक आम आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो भारत में अक्सर नमी वाली जगहों या पानी के आसपास आसानी से मिल जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम 'एक्लिप्टा अल्बा' है। आयुर्वेद के अनुसार इसके गुण इस प्रकार हैं: ​ यह शरीर में हल्कापन लाने वाली और थोड़ी रूखी होती है। ​इसका स्वाद तीखा और कड़वा होता है। ​इसकी तासीर गर्म होती है। ​यह मुख्य रूप से शरीर में वात और कफ दोष को शांत करने का काम करती है। ​भृंगराज के प्रमुख औषधीय लाभ ​ 1. बालों और सिर की सेहत के लिए वरदान ​भृंगराज का नाम आते ही सबसे पहले बालों ...

सूर्य नमस्कार: एक संपूर्ण साधना और 12 चरणों का वैज्ञानिक रहस्य

विश्व योग  दिवस, 21 जुन: पर जानें.. 


सूर्य नमस्कार: एक संपूर्ण साधना और 12 चरणों का वैज्ञानिक रहस्य

योग की प्राचीन परंपरा में 'सूर्य नमस्कार' को एक पूर्ण योग माना गया है। यह मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए शरीर, मन और आत्मा को ऊर्जावान बनाने की एक जीवंत प्रक्रिया है। यह अभ्यास शरीर की समस्त मांसपेशियों को सक्रिय करता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार लाता है।

सूर्य नमस्कार के 12 चरण 

सूर्य नमस्कार को हमेशा खाली पेट करना चाहिए और अभ्यास के दौरान श्वास-प्रश्वास की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

1. प्रणामासन (Prayer Pose)

सीधे खड़े होकर अपने दोनों पैरों को आपस में जोड़ें। गहरी सांस लें और अपने हाथों को सीने के पास लाकर नमस्कार की मुद्रा में जोड़ें। यह मन को एकाग्र करता है।

2. हस्त उत्तानासन (Raised Arms Pose)

सांस भरते हुए अपनी दोनों भुजाओं को ऊपर की ओर उठाएं। कानों से सटाते हुए हाथों को सीधा रखें और कमर से थोड़ा पीछे की ओर झुकें।

​3. पादहस्तासन (Hand to Foot Pose)

​सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। अपने हाथों को पैरों के पास जमीन पर टिकाने का प्रयास करें। घुटने सीधे रखने का प्रयास करें।

4. अश्व संचालनासन (Equestrian Pose)

सांस भरते हुए अपने दाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं। घुटने को जमीन पर टिकाएं और बाएं पैर को हाथों के बीच रखें। दृष्टि सामने की ओर रखें।

5. दंडासन (Stick Pose)

​सांस छोड़ते हुए अपने बाएं पैर को भी पीछे ले जाएं। अब शरीर को एक सीधी रेखा में रखें, जैसे एक तख्ता या डंडा हो। हथेलियां कंधों के नीचे होनी चाहिए।

6. अष्टांग नमस्कार (Salute with Eight Parts)

सांस छोड़ते हुए अपने घुटने, छाती और ठोड़ी को जमीन पर टिकाएं। इस स्थिति में शरीर के 8 अंग जमीन को स्पर्श करते हैं।

7. भुजंगासन (Cobra Pose)

सांस भरते हुए धीरे-धीरे छाती को ऊपर उठाएं। गर्दन को पीछे की तरफ झुकाएं और दृष्टि आसमान की ओर रखें

​8. पर्वतासन (Mountain Pose)

सांस छोड़ते हुए अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं। शरीर एक उल्टे 'V' आकार में होना चाहिए। एड़ियों को जमीन पर टिकाने का प्रयास करें।

9. अश्व संचालनासन (Equestrian Pose)

सांस भरते हुए दाएं पैर को आगे लाएं और दोनों हाथों के बीच रखें। बाएं घुटने को जमीन पर टिकाएं और दृष्टि सामने रखें।

10. पादहस्तासन (Hand to Foot Pose)

सांस छोड़ते हुए बाएं पैर को भी आगे लाएं और पादहस्तासन की स्थिति में आ जाएं।

11. हस्त उत्तानासन (Raised Arms Pose)

सांस भरते हुए सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को ऊपर उठाकर पीछे की ओर झुकें।

12. प्रणामासन (Prayer Pose)

अंत में, सांस छोड़ते हुए वापस सीधा खड़े हो जाएं और हाथों को नीचे लाकर नमस्कार की मुद्रा में आ जाएं। शरीर को ढीला छोड़ें।

निष्कर्ष:

सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास न केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता और आंतरिक शांति भी प्रदान करता है। आप अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार इसे 5 से 10 मिनट तक निरंतर कर सकते हैं। आज के भागदौड़ भरे जीवन में, यदि हम अपनी दिनचर्या में सूर्य नमस्कार को सम्मिलित कर लें, तो हम एक दीर्घायु और रोगमुक्त जीवन की नींव रख सकते हैं।

योग करें, स्वस्थ रहें!

✍️ लेखक : विजय कुमार कश्यप 


देखने के लिए स्क्रोल करें :

क्या आप जानते हैं कि आपके घर की रसोई ही दुनिया की सबसे बड़ी और सुरक्षित डिस्पेंसरी है?

आयुर्वेदिक आदतें जो दवा से बेहतर हैं: स्वस्थ और दीर्घायु जीवन का प्राकृतिक मार्ग

स्वस्थ मुस्कान का रहस्य: दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने के संपूर्ण उपाय

डिजिटल बुढ़ापा: क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जवानी छीन रहा है?

30 की उम्र के बाद कमजोरी? शरीर में नई ताकत भर देंगे ये 10 हाई-प्रोटीन फूड्स

इन सरल अभ्यासों और रसोई की खानपान से दिमाग को बनायें शार्प

रात 2 बजे अचानक नींद क्यों टूटती है? पानी पीने की गलत आदतें और समाधान

स्वास्थ्य और आयुर्वेद: द हेल्थ जरनल की ज्ञान-यात्रा

शरीर खुद ही करता है सभी रोगों का इलाज | जानें प्रकृति के अद्भुत रहस्य और प्राकृतिक उपचार

उम्र बढ़ने के साथ शरीर से ज्यादा मन जिम्मेवार है यौन दुर्बलता हेतु : नित्य नाड़ी शोधन कर इच्छा को बलवान बनायें