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https://www.thehealthjournal.co.in THE HEALTH JOURNAL written and designed by VIJAY K KASHYAP

30 की उम्र के बाद कमजोरी? शरीर में नई ताकत भर देंगे ये 10 हाई-प्रोटीन फूड्स

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​ 30 की उम्र के बाद कमजोरी? शरीर में नई ताकत भर देंगे ये 10 हाई-प्रोटीन फूड्स ​ बढ़ती उम्र के साथ हमारे शरीर में कई अंदरूनी बदलाव होने लगते हैं। अक्सर 30 साल की उम्र के बाद शरीर की मांसपेशियां प्राकृतिक रूप से कमजोर होने लगती हैं। सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना या छोटे-छोटे कामों में जल्दी थक जाना इसके आम लक्षण हैं। मेडिकल भाषा में इसे 'सारकोपीनिया' कहा जाता है, जिससे बचने का सबसे बेहतरीन उपाय सही प्रोटीन का सेवन है। शरीर को मजबूत बनाने वाले 10 बेहतरीन हाई-प्रोटीन फूड्स ​1. काला चना ​ प्रोटीन : 100 ग्राम काले चने में लगभग 22 ग्राम प्रोटीन होता है (जो करीब 3 अंडों के बराबर है)। ​ फायदे : इसमें मौजूद आयरन खून बनाता है, फाइबर पाचन सुधारता है और मैग्नीशियम मांसपेशियों को ताकत देता है। ​ खाने का तरीका: रातभर भिगोए हुए चने में सुबह नींबू का रस, काला नमक और प्याज मिलाकर खाली पेट चबाकर खाएं। कमजोर पाचन वाले इसे उबालकर या अंकुरित करके भी खा सकते हैं। ​ 2. मूंग दाल ​ प्रोटीन : 100 ग्राम मूंग दाल में 24 ग्राम प्रोटीन होता है। ​ फायदे : यह बहुत आसानी से पच जाती है, इसलिए कमजोर पा...

आयुर्वेदिक आदतें जो दवा से बेहतर हैं: स्वस्थ और दीर्घायु जीवन का प्राकृतिक मार्ग

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आयुर्वेदिक आदतें जो दवा से बेहतर हैं: स्वस्थ और दीर्घायु जीवन का प्राकृतिक मार्ग ​आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पूर्ण कला है। आधुनिक युग की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए तुरंत अंग्रेजी दवाओं (पिल्स) का सहारा लेते हैं, जो तात्कालिक राहत तो देती हैं लेकिन शरीर पर विपरीत प्रभाव छोड़ सकती हैं। इसके विपरीत, आयुर्वेद हमारे शरीर की आंतरिक ऊर्जा को संतुलित कर बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है। आइए जानते हैं उन 9 सरल और प्रभावी आयुर्वेदिक आदतों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप बिना किसी दवा के हमेशा स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकते हैं: ​1. तांबे के बर्तन का पानी सुबह पीना ​सुबह उठकर तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीना शरीर के लिए अमृत के समान है। यह शरीर से सभी हानिकारक टॉक्सिंस (विषैले पदार्थों) को बाहर निकालता है और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ त्वचा की चमक बढ़ाने में भी मददगार है। ​2. भोजन के बाद 100 कदम टहलना ​भोजन करने के तुरंत बाद बैठना या सोना पाचन तंत्र के लिए हानिकारक होत...

हमेशा स्वस्थ, सुखी और लंबी आयु जीने का आसान तरीका

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हमेशा स्वस्थ, सुखी और लंबी आयु जीने का आसान तरीका ​ भागदौड़ भरी इस जिंदगी में आज कल बीमारियां बिना बुलाए हमारे घर आ धमकती हैं। कभी ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, तो कभी शुगर या पेट की गड़बड़ी परेशान करने लगती है। इन सबकी जड़ कोई और नहीं, बल्कि हमारी अपनी गलत जीवनशैली है। अगर हम अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़े से बदलाव ले आएं, तो न सिर्फ इन बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बल्कि पुरानी बीमारियों को भी धीरे-धीरे हरा सकते हैं। ​1. मुंह का चौकीदार: क्या खाएं और क्या नहीं ​हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं, उसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। इसलिए मुंह के दरवाजे पर खुद एक पहरेदार बनना पड़ेगा ताकि कोई भी गलत चीज अंदर न जा सके। ​ इनसे तौबा करें: पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, कचौड़ी, समोसे, ब्रेड, मैदे से बनी चीजें और बाहर का प्रोसेस्ड खाना हमारी आंतों में चिपक जाता है और अंदर से हमें कमजोर करता है। मांसाहार जैसी चीजों को पचने में भी कई दिन लग जाते हैं। ​ इन्हें अपनाएं: वही चीजें खाएं जो आसानी से पच जाएं और शरीर को ताकत देकर जल्दी बाहर निकल जाएं। ताजे फल, हरी सलाद और अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स) इसके लिए सबसे ...

गुरु पूर्णिमा विशेष: गुरु महिमा और समर्थ गुरु परम संत डॉ. चतुर्भुज सहाय जी, रामाश्रम सत्संग मथुरा

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​ गुरु पूर्णिमा विशेष: गुरु महिमा और समर्थ गुरु परम संत डॉ. चतुर्भुज सहाय जी, रामाश्रम सत्संग मथुरा  ​ भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से सर्वोपरि माना गया है। यह वह पावन दिवस है जब साधक अपने जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरु के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि बिना गुरु के मार्गदर्शन के जीवन का उद्देश्य और परमात्मा की प्राप्ति असंभव है। 'गु' का अर्थ है अंधकार और 'रु' का अर्थ है उसे मिटाने वाला प्रकाश। जो हमारे भीतर अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान और चेतना का सूर्य प्रज्वलित करता है, वही वास्तविक गुरु है। गुरु पूर्णिमा का यह दिन हमें आंतरिक शुद्धि और समर्पण का संदेश देता है। ​हमारे शास्त्रों में कहा गया है— "गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।" अर्थात गुरु ही ब्रह्मा है, गुरु ही विष्णु है और गुरु ही महेश है। इतना ही नहीं, गुरु को साक्षात् परब्रह्म परमात्मा का स्...

मानसिक तनाव और एंग्जायटी को कहें अलविदा: सेरोटोनिन बढ़ाने वाला यह जादुई नुस्खा है बेहद असरदार

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मानसिक तनाव और एंग्जायटी को कहें अलविदा: सेरोटोनिन बढ़ाने वाला यह जादुई नुस्खा है बेहद असरदार ​ आज के इस भागदौड़ भरे जीवन में मानसिक तनाव और एंग्जायटी बहुत आम बात हो गई है। छोटी-छोटी रोजमर्रा की उलझनें भी कई बार इंसान को भीतर से चिड़चिड़ा और उदास बना देती हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग तमाम मुश्किलों के बाद भी हमेशा खुश और भीतर से संतुष्ट क्यों नजर आते हैं? इसका सीधा संबंध हमारे मस्तिष्क में बनने वाले एक विशेष केमिकल 'सेरोटोनिन' से है। आइए आज के इस लेख में बहुत ही सरल भाषा में समझते हैं कि कैसे घर पर मौजूद कुछ आसान चीजों के जरिए हम अपने दिमाग में इस खुशी के हार्मोन को प्राकृतिक रूप से बढ़ा सकते हैं। ​सेरोटोनिन क्या है और यह हमारे मूड को कैसे नियंत्रित करता है? ​हमारे दिमाग के भीतर एक छोटी सी केमिकल फैक्ट्री की तरह सेरोटोनिन का निर्माण होता है, जो असल में एक न्यूरोट्रांसमीटर है। यह न केवल हमारे मूड को रेगुलेट करता है, बल्कि हमारी मानसिक सेहत को भी संतुलन देता है। ​डोपामिन और सेरोटोनिन में अंतर: डोपामिन हमें वक्ती तौर पर यानी थोड़े समय के लिए खुशी देता है, जबकि सेरोटोनिन...

रात 2 बजे अचानक नींद क्यों टूटती है? पानी पीने की गलत आदतें और समाधान

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रात 2 बजे अचानक नींद क्यों टूटती है? पानी पीने की गलत आदतें और समाधान ​क्या आपकी भी रात को बार-बार आँख खुलती है और वॉशरूम जाना पड़ता है? सुबह उठने पर ऐसा महसूस होता है जैसे रात में ठीक से नींद पूरी ही नहीं हुई? आमतौर पर लोग इसे बढ़ती उम्र की समस्या मान लेते हैं, लेकिन इसकी असली वजह कुछ और ही है। ​नक्यूरिया (Nocturia) क्या है? ​चिकित्सा की भाषा में रात को बार-बार पेशाब के लिए उठने की इस समस्या को नक्यूरिया कहा जाता है। यह केवल बुजुर्गों की ही नहीं, बल्कि 40 से 50 वर्ष की आयु के लोगों में भी आम हो चुकी है। ​पानी पीने का गलत तरीका ​इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह शाम या रात के समय अत्यधिक मात्रा में पानी पीना है। रात में पिया गया पानी किडनी द्वारा फिल्टर होकर यूरिन बनाता है, जिसके कारण नींद में खलल पड़ता है। ​दिन और रात में शरीर की कार्यप्रणाली ​ दिन के समय: किडनी अधिक सक्रिय रूप से कार्य करती हैं और पानी को जल्दी प्रोसेस करती हैं। ​ रात के समय: सोते वक्त किडनी की कार्य करने की गति धीमी हो जाती है, जिससे पानी ब्लैडर में अधिक देर तक जमा रहता है और बार-बार उठने की आवश्यकता होती है। ​...

दिमाग को बनाएं सुपरकंप्यूटर: जानिए तेज स्मरण शक्ति और ऊर्जा के अचूक घरेलू उपाय

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दिमाग को बनाएं सुपरकंप्यूटर: जानिए तेज स्मरण शक्ति और ऊर्जा के अचूक घरेलू उपाय ​आज के भागदौड़ भरे जीवन में हम शरीर को फिट रखने के लिए तरह-तरह की चीजें खाते हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि हमारे पूरे शरीर और मोटर सिस्टम को कंट्रोल करने वाले 'दिमाग' को तंदुरुस्त रखने के लिए हम क्या करते हैं? थोड़ा सा काम करते ही मानसिक थकान होना, नींद आना, ध्यान भटकना या चीज़ें भूल जाना आम समस्या बन गया है। अगर आप भी अपने दिमाग की कार्यक्षमता (Efficiency) और याददाश्त को प्राकृतिक रूप से बढ़ाना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद खास है। ​ 1. मानसिक स्वास्थ्य और दिमाग की सुस्ती का कारण ​हम अपने शरीर की सेहत पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन मानसिक पोषण की अनदेखी कर देते हैं। जब दिमाग को सही पोषण नहीं मिलता, तो वह जल्दी थक जाता है और उसकी कार्यकुशलता घटने लगती है। आयुर्वेद के अनुसार, जिस प्रकार शरीर को भोजन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार हमारे मस्तिष्क को भी खास 'ब्रेन फूड' की जरूरत होती है। ​2. 'चार मगज': दिमाग का असली और प्राकृतिक सुपरफूड ​आयुर्वेद में दिमाग को शक्तिशाली ब...

जोड़ों का दर्द, कमर दर्द और घुटनों के दर्द से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के असरदार आयुर्वेदिक नुस्खे: संपूर्ण मार्गदर्शिका

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जोड़ों का दर्द, कमर दर्द और घुटनों के दर्द से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के असरदार आयुर्वेदिक नुस्खे: संपूर्ण मार्गदर्शिका ​ जोड़ों के दर्द की समस्या और आधुनिक जीवनशैली ​आज के समय में जोड़ों का दर्द (Joint Pain) , कमर दर्द (Back Pain) और घुटनों का दर्द ( Knee Pain ) केवल बुजुर्गों की ही समस्या नहीं रह गई है, बल्कि कम उम्र के युवा भी इससे बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहे हैं। आधुनिक जीवनशैली, खान-पान की गलत आदतें, शारीरिक श्रम की भारी कमी और लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठकर काम करना इस समस्या को और अधिक गंभीर बना रहा है। ​जब शरीर में जोड़ों की प्राकृतिक चिकनाहट (Lubrication) कम होने लगती है या हड्डियों के बीच का घर्षण बढ़ने लगता है, तो उठने-बैठने और चलने-फिरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आयुर्वेद में इस प्रकार की समस्याओं के बहुत ही सरल, सुरक्षित और प्रभावी प्राकृतिक समाधान बताए गए हैं। इस विस्तृत ब्लॉग में हम दो बेहद लोकप्रिय और आजमाए हुए आयुर्वेदिक नुस्खों के बारे में चर्चा करेंगे, जिनकी मदद से आप पुरानी से पुरानी शारीरिक पीड़ा से राहत पा सकते हैं। ​जोड़ों के दर्द का दाय...

हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द में अंतर: कारण और सरल घरेलू उपाय

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हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द में अंतर: कारण और सरल घरेलू उपाय ​ शरीर में होने वाला दर्द रोजमर्रा के जीवन को थका देने वाला बना सकता है। कई बार हम हड्डी और मांसपेशियों के दर्द को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में बहुत अंतर होता है। इस लेख में हम जानेंगे कि इन दोनों दर्दों की पहचान कैसे करें और इन्हें ठीक करने के घरेलू उपाय क्या हैं। ​ हड्डी और मांसपेशियों के दर्द में क्या अंतर है? ​हड्डी और मांसपेशियों के दर्द के लक्षणों को पहचानकर आप आसानी से समझ सकते हैं कि समस्या कहाँ है: ​ 1. हड्डी का दर्द (Bone Pain) ​ पहचान: इसमें सीधे हड्डी पर या उसके आसपास दबाव (Press) डालने पर तेज दर्द महसूस होता है। ​ स्थिति: यह दर्द आपको बैठे-बैठे या आराम करते वक्त भी बिना किसी हलचल के होता रहता है। ​ मुख्य कारण: ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया, पुरानी चोट या शरीर में कैल्शियम और मिनरल्स की भारी कमी। ​ 2. मांसपेशियों का दर्द (Muscle Pain) ​ पहचान: यह दर्द तब बढ़ता है जब आप हाथ-पैर हिलाते हैं, झुकते हैं या किसी प्रकार की शारीरिक गतिविधि (Movement) करते हैं। ​ स्थिति: मांसपेशियों में खिंचाव, सूजन या कमजो...