https://www.thehealthjournal.co.in THE HEALTH JOURNAL written and designed by VIJAY K KASHYAP

जवां दिखने का सीक्रेट: घर पर बनाएं एंटी-एजिंग फेस मास्क

चित्र
जवां दिखने का सीक्रेट: घर पर बनाएं एंटी-एजिंग फेस मास्क ​ बढ़ती उम्र के साथ त्वचा पर झुर्रियां (wrinkles) आना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसोई में मौजूद कुछ चीजों से आप अपनी त्वचा को फिर से जवां और टाइट बना सकते हैं? यह प्राकृतिक नुस्खा आपकी त्वचा के टोन को बेहतर करने और उसे रिंकल-फ्री बनाने में बेहद कारगर है। ​आवश्यक सामग्री ​इस जादुई फेस मास्क को तैयार करने के लिए आपको सिर्फ चार मुख्य चीजों की जरूरत होगी: ​ बादाम: इसमें विटामिन E भरपूर मात्रा में होता है, जो त्वचा को ग्लोइंग बनाता है और उसे टाइट रखने में मदद करता है। ​ चावल: यह स्किन टोन को सुधारने और डार्क स्पॉट्स को कम करने में मदद करता है। यह त्वचा से मेलानिन (जो त्वचा को काला बनाता है) को कम करता है। ​ कच्चा दूध: यह त्वचा को स्मूथ और सॉफ्ट बनाने में सहायक है। ​ शहद: इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो झुर्रियों से लड़ते हैं और त्वचा को जरूरी मॉइस्चर प्रदान करते हैं। ​ मास्क तैयार करने की विधि ​इस फेस मास्क को बनाना बहुत ही सरल है, बस इन चरणों का पालन करें: ​ स्टेप 1: भिगोना ​ दोपहर ...

ब्रेन स्ट्रोक: लक्षण, कारण और बचाव के अचूक उपाय - स्वर विज्ञान के साथ


ब्रेन स्ट्रोक: लक्षण, कारण और बचाव के अचूक उपाय - स्वर विज्ञान के साथ

ब्रेन स्ट्रोक आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक गंभीर समस्या बनकर उभरा है। इसे अक्सर 'दिमागी हमला' भी कहा जाता है, क्योंकि यह बिना चेतावनी के आता है और शरीर के किसी भी हिस्से को निष्क्रिय (लकवा) कर सकता है। समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना और सही उपचार करना ही जीवन बचाने की कुंजी है।

​ब्रेन स्ट्रोक के प्रमुख कारण और प्रकार:

ब्रेन स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, जिन्हें समझना आपके लिए बहुत जरूरी है:
  1. इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke): यह तब होता है जब मस्तिष्क की नसों में खून का थक्का (Clot) जम जाता है। यह अक्सर हाई डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल के कारण होता है। जब खून की सप्लाई रुकती है, तो मस्तिष्क के उस हिस्से को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वह हिस्सा काम करना बंद कर देता है।
  2. हेमरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke): यह उच्च रक्तचाप (High BP) के कारण होता है। इसमें मस्तिष्क की कोई नस फट जाती है और खून फैल जाता है, जिससे दिमागी कोशिकाओं को भारी नुकसान पहुँचता है।

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण: पहचान ही बचाव है 

स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानने के लिए 'FAST' फॉर्मूला अपनाएं:
  • F (Face): चेहरे का एक तरफ झुक जाना या सुन्न होना।
  • A (Arms): एक हाथ में कमजोरी महसूस होना या उसे उठाने में असमर्थता।
  • S (Speech): बोलने में लड़खड़ाहट या आवाज का पूरी तरह चले जाना।
  • T (Time): यदि ये लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए अस्पताल पहुँचें। पहले 4 घंटे 'गोल्डन ऑवर' होते हैं।

​बचाव और उपचार के प्रभावी उपाय:

बेहतरीन घरेलू उपचार:

राजीव दीक्षित जी ने ब्रेन स्ट्रोक के लिए 'गाय के शुद्ध देसी घी' को रामबाण बताया है। उनके अनुसार, गुनगुने देसी घी की एक-एक बूंद नाक में डालने से मस्तिष्क की नसें सक्रिय होती हैं और क्लॉटिंग की समस्या में लाभ मिलता है।

पुनर्वास (Rehabilitation):

स्ट्रोक के बाद 'न्यूरोप्लास्टिसिटी' के माध्यम से दिमाग को दोबारा प्रशिक्षित किया जा सकता है। इसमें नियमित एक्सरसाइज, फिजियोथेरेपी और सही खान-पान का बहुत बड़ा योगदान होता है।

​स्वर विज्ञान: बचाव और रिकवरी में  तत्काल राहत देने वाला उपाय

​योग और स्वर विज्ञान के अनुसार, हमारी सांसें सीधे हमारे मस्तिष्क और रक्तचाप को नियंत्रित करती हैं। स्ट्रोक के रोगियों के लिए स्वर विज्ञान का अभ्यास सुरक्षा कवच की तरह काम करता है:
  • चंद्र स्वर का उपयोग (Left Nostril): यदि स्ट्रोक का कारण हाई ब्लड प्रेशर (हेमरेजिक स्ट्रोक) है, तो अपने दाहिने नथुने को बंद करके बाएं नथुने (चंद्र स्वर) से सांस लें। यह शरीर को शीतलता प्रदान करता है और बीपी को तुरंत कम करने में सहायक है।
  • सूर्य स्वर का संतुलन (Right Nostril): यदि शरीर के किसी अंग में भारीपन या जड़ता (Inertia) महसूस हो रही है, तो सूर्य स्वर सक्रिय करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
  • अनुलोम-विलोम: यह दोनों स्वरों को संतुलित करता है, जिससे मस्तिष्क की नसों में रक्त का संचार सुचारू रहता है और भविष्य में स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।

​निष्कर्ष:

ब्रेन स्ट्रोक डरावना हो सकता है, लेकिन यह लाइलाज नहीं है। सही समय पर चिकित्सा सहायता, राजीव दीक्षित जी द्वारा बताए गए पारंपरिक आयुर्वेद और स्वर विज्ञान जैसी प्राचीन विधाओं के मेल से न केवल इस बीमारी से बचा जा सकता है, बल्कि लकवे जैसी स्थिति से भी दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटा जा सकता है। याद रखें, सजगता ही सबसे बड़ा उपचार है।

सर्चिंग लिंक : 

          आप निम्न शब्दों पर क्लिक कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है: 👇

           स्वर विज्ञान के मूल सिद्धांत ✅

नोट: विज्ञापनों के बीच लेख देखने के कौशल में पारंगत होकर धैर्य के साथ स्टेप बाय स्टेप सही जानकारी हासिल करें और इससे सेवा करने की  आपकी आदत बनेगी और आवश्यकता पड़ने पर आप अपने परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा भी कर सकेंगे। 

लेखक: विजय कुमार कश्यप


देखने के लिए स्क्रोल करें :

इन सरल अभ्यासों और रसोई की खानपान से दिमाग को बनायें शार्प

शरीर खुद ही करता है सभी रोगों का इलाज | जानें प्रकृति के अद्भुत रहस्य और प्राकृतिक उपचार

उम्र बढ़ने के साथ शरीर से ज्यादा मन जिम्मेवार है यौन दुर्बलता हेतु : नित्य नाड़ी शोधन कर इच्छा को बलवान बनायें

नीम और हल्दी का सही उपयोग करके टाइप 2 डायबिटीज (शुगर) को कंट्रोल करें – प्राकृतिक और असरदार उपाय

गर्मी के दिनों में चना सत्तू खाने के फायदे - एक संपूर्ण गाइड

अनुशासित मन-मस्तिष्क ही राज है स्वस्थ रहने का

टाईप 2 शुगर से बचाव (Type 2 Sugar prevention) का आसान और बेहतर उपाय

कान दर्द की समस्या: पाएं असरदार आयुर्वेदिक समाधान

गर्मी और सर्दी की संवेदनशीलता का स्वास्थ्य पर प्रभाव : जानिए बचाव के उपाय

गहरी नींद से खुद-ब-खुद ठीक होने लगती हैं ये बीमारियाँ : फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे