https://www.thehealthjournal.co.in THE HEALTH JOURNAL written and designed by VIJAY K KASHYAP

जवां दिखने का सीक्रेट: घर पर बनाएं एंटी-एजिंग फेस मास्क

चित्र
जवां दिखने का सीक्रेट: घर पर बनाएं एंटी-एजिंग फेस मास्क ​ बढ़ती उम्र के साथ त्वचा पर झुर्रियां (wrinkles) आना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसोई में मौजूद कुछ चीजों से आप अपनी त्वचा को फिर से जवां और टाइट बना सकते हैं? यह प्राकृतिक नुस्खा आपकी त्वचा के टोन को बेहतर करने और उसे रिंकल-फ्री बनाने में बेहद कारगर है। ​आवश्यक सामग्री ​इस जादुई फेस मास्क को तैयार करने के लिए आपको सिर्फ चार मुख्य चीजों की जरूरत होगी: ​ बादाम: इसमें विटामिन E भरपूर मात्रा में होता है, जो त्वचा को ग्लोइंग बनाता है और उसे टाइट रखने में मदद करता है। ​ चावल: यह स्किन टोन को सुधारने और डार्क स्पॉट्स को कम करने में मदद करता है। यह त्वचा से मेलानिन (जो त्वचा को काला बनाता है) को कम करता है। ​ कच्चा दूध: यह त्वचा को स्मूथ और सॉफ्ट बनाने में सहायक है। ​ शहद: इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो झुर्रियों से लड़ते हैं और त्वचा को जरूरी मॉइस्चर प्रदान करते हैं। ​ मास्क तैयार करने की विधि ​इस फेस मास्क को बनाना बहुत ही सरल है, बस इन चरणों का पालन करें: ​ स्टेप 1: भिगोना ​ दोपहर ...

कंधे और बांह की नसों का दर्द और जकड़न? मिनटों में राहत देगा यह आसान योगिक उपाय


कंधे और बांह की नसों का दर्द और जकड़न? मिनटों में राहत देगा यह आसान योगिक उपाय ☺️

आजकल की गतिहीन जीवनशैली, घंटों कंप्यूटर के सामने बैठने या लगातार मोबाइल का उपयोग करने के कारण कंधे से लेकर बांह और उंगलियों तक की नसों में खिंचाव, दर्द और जकड़न (Stiffness) होना एक आम समस्या बन चुकी है। कई बार यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि हाथ उठाना या दैनिक काम करना भी मुश्किल हो जाता है। 

इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए एक बेहद प्रभावी और सरल योगिक क्रिया को स्टेप बाय स्टेप कैसे करना है, सिखने का प्रयास करेंगे । आइए जानते हैं कि इस क्रिया को कैसे करना है और क्या हैं इसके फायदे.! 

​क्यों होती है कंधे और हाथों की नसों में जकड़न?

​गलत पोस्चर (गलत तरीके से बैठने या खड़े होने) के कारण कंधे के पीछे की मांसपेशियों और सोल्डर ब्लेड (Shoulder Blade) पर दबाव पड़ता है। इससे रक्त संचार प्रभावित होता है और नसें खींचने लगती हैं। यह खिंचाव धीरे-धीरे बांह से होते हुए उंगलियों तक पहुंच जाता है, जिससे हाथों में भारीपन या सुन्नता महसूस होने लगती है।

नसों की जकड़न दूर करने की प्रभावी योगिक क्रिया 

इस योगिक क्रिया को आप कहीं भी, कभी भी आसानी से कर सकते हैं। इसे करने के सही चरण नीचे दिए गए हैं:

चरण 1: हाथों को इंटरलॉक (ग्रिप) करें 


  • सबसे पहले सीधे बैठ जाएं या खड़े हो जाएं।
  • ​अब अपनी दोनों हथेलियों की उंगलियों को आपस में फंसाकर (Interlock) एक मजबूत ग्रिप बनाएं।
  • ​श्वास भरते (Inhale) हुए अपने दोनों हाथों को सीधे आगे की ओर फैलाएं।

चरण 2: आगे की ओर खिंचाव (Stretch) बनाएं

  • हाथों की ग्रिप को सामने रखते हुए, बांहों को आगे की तरफ जितना हो सके तानें (Stretch करें)।
  • ​इस स्थिति में आपको महसूस होगा कि आपके हाथों और कंधों की आगे की नसें पूरी तरह से सक्रिय और स्ट्रेच हो रही हैं।

चरण 3: हाथों को ऊपर ले जाएं और आसमान की ओर देखें




  • अब श्वास भरते हुए ही अपने दोनों हाथों को (ग्रिप बनाए रखते हुए) सिर के ऊपर आसमान की ओर उठाएं।
  • ​अपने पूरे शरीर और कंधों को ऊपर की तरफ तानें।
  • ​अपनी गर्दन को थोड़ा पीछे की ओर झुकाएं और ऊपर हाथों की तरफ देखें।
  • असर: इस स्थिति में आपके पूरे कंधे, सोल्डर ब्लेड और बांहों की नसें गहराई से खिंचती हैं, जिससे जमी हुई जकड़न तुरंत टूटने लगती है।

​चरण 4: श्वास छोड़ते हुए वापस आएं

  • कुछ सेकंड ऊपर रुकने के बाद, श्वास छोड़ते (Exhale) हुए धीरे-धीरे हाथों को वापस सामने (आगे की ओर) लाएं।
  • ​सामने लाते समय भी हाथों को आगे की तरफ तानकर रखें ताकि सोल्डर ब्लेड के पीछे तक खिंचाव बना रहे।
  • ​अंत में श्वास छोड़ते हुए हाथों को नीचे ले आएं और रिलैक्स करें।

​इस योगिक क्रिया को करने का सही समय क्या है?

इस क्रिया को आप अपनी सुविधा के अनुसार दिन में कई बार दोहरा सकते हैं:
  • सर्वोत्तम समय: सुबह खाली पेट अथवा शाम को भोजन करने से पहले इसका अभ्यास सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।
  • ऑफिस वर्किंग के दौरान: यदि आप डेस्क जॉब में हैं और काम करते-करते आपको थकान महसूस हो या लगे कि आपके कंधे आगे की तरफ झुक रहे हैं, तो आप अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे भी इसे कर सकते हैं

इस क्रिया को करने के मुख्य लाभ (Benefits)

  • तुरंत राहत: पहली ही बार इस स्ट्रेच को करने से आपको अपनी स्टिफनेस कम होती हुई महसूस होगी।

  • रक्त संचार में सुधार: यह कंधों और हाथों की नसों में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।

  • पोस्चर में सुधार: लगातार आगे झुककर काम करने की आदत (Slouching) को ठीक करता है और कंधों को सही शेप देता है।

  • मानसिक थकान से मुक्ति: ऑफिस के काम के बीच में इसे करने से शारीरिक और मानसिक थकान तुरंत दूर होती है।

सावधानियांँ: ध्यान रखने योग्य बातें (Precaution)

यदि आपको फ्रोजन सोल्डर (Frozen Shoulder) की गंभीर समस्या है या गर्दन/कंधे में कोई हालिया चोट लगी है, तो इस क्रिया को बहुत अधिक दबाव डालकर न करें या किसी विशेषज्ञ /फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह अवश्य लें।

✍️ लेखक : विजय कुमार कश्यप 

देखने के लिए स्क्रोल करें :

इन सरल अभ्यासों और रसोई की खानपान से दिमाग को बनायें शार्प

शरीर खुद ही करता है सभी रोगों का इलाज | जानें प्रकृति के अद्भुत रहस्य और प्राकृतिक उपचार

उम्र बढ़ने के साथ शरीर से ज्यादा मन जिम्मेवार है यौन दुर्बलता हेतु : नित्य नाड़ी शोधन कर इच्छा को बलवान बनायें

नीम और हल्दी का सही उपयोग करके टाइप 2 डायबिटीज (शुगर) को कंट्रोल करें – प्राकृतिक और असरदार उपाय

गर्मी के दिनों में चना सत्तू खाने के फायदे - एक संपूर्ण गाइड

अनुशासित मन-मस्तिष्क ही राज है स्वस्थ रहने का

टाईप 2 शुगर से बचाव (Type 2 Sugar prevention) का आसान और बेहतर उपाय

कान दर्द की समस्या: पाएं असरदार आयुर्वेदिक समाधान

गर्मी और सर्दी की संवेदनशीलता का स्वास्थ्य पर प्रभाव : जानिए बचाव के उपाय

गहरी नींद से खुद-ब-खुद ठीक होने लगती हैं ये बीमारियाँ : फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे